Common Service Centers (CSC)

 

ग्रामीण चॉइस परियोजना
''गांवों तक ई-शासन की पहल''
राष्ट्रीय ई-शासन योजना के तहत् सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के अधिकतम लाभ गांवों तक पहुंचाने के लिये केन्द्र एवं छत्तीसगढ़ शासन ने अनूठी पहल की है। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण चॉइस केन्द्र परियोजना के नाम से जाने वाली इस परियोजना के अन्तर्गत प्रदेश के छ: गांवों के मध्य एक, कुल 3385 ग्रामीण चॉइस केन्द्र खोले जा रहे हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से अनेक शासकीय तथा निजी सेवाओं की प्रदायगी की जायेगी। ऐसी सेवाएं जिनके लिये ग्रामीण नागरिकों को शहर आना पड़ता था वो सेवाऐं अब उन्हें अपने गांव के नजदीक इन केन्द्रों से प्राप्त हो जायेगी। सार्वजनिक निजी सहभागिता के आधार पर संचालित इस योजना के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्शा, राजस्व टेलीमेडिसिन आदि शासकीय सेवाओं के अलावा बीमा संबंधित बैकिंग सेवा, मोबाईल सेवा सहित अनेक निजी सेवाओं का भी संचालन किया जायेगा। इस योजना द्वारा ग्रामीण उद्वमी के माध्यम से फोटो स्केनिंग, फोटो प्रिंटिंग, डाटा एन्ट्री तथा अनेक सेवाऐं ग्रामीण नागरिकों के लिये उपलब्ध होगी।  
योजना पर किया गया कार्य :-
योजना पर किया गया कार्य :-
 
शहरी विकास को गांवों तक पहुंचाने के लिये राज्य के छ: गांव के मध्य एक ग्रामीण चॉइस केन्द्र खोलने का कार्य शुरु किया गया। इसके लिये सर्वप्रथम राज्य के 18 जिलों को 4 जोन में 'एक विकसीत तथा एक पिछड़ा जिला में बांटा गया, तथा पूरे राज्य के लिये पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के द्वारा दो सेवा प्रदाता एजेसियों का चयन किया गया। 
क्रमांक जोन
सम्मिलित जिले
ग्रामीण चॉइस केन्द्रों की संख्या
1 रायपुर
रायपुर,धमतरी, महासमुन्द,बस्तर, नारायणपुर, दन्तेवाडा, बीजापुर
1108
2 रायगढ़
रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, कोरिया
790
3 दुर्ग
दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, कोरबा
922
4 कोरबा
कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा
565
कुल
3385                             
चयनित सेवा प्रदाता एजेंसी आईसेक्ट द्वारा दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा तथा कोरबा जिलो में कुल 1487 ग्रामीण चॉइस केन्द्र खोला जाना प्रस्तावित था, जिनमें से 1197 केन्द्र खाले जा चुके हैं। इसी तहर सेवा प्रदाता एजेंसी जूम डेवलपर्स द्वारा रायपुर, धमतरी, महासमुन्द, दन्तेवाडा, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर, रायगढ़, सरगुजा, कोरिया एवं जशपुर जिलों में 1898 ग्रामीण चॉइस केन्द्र खोला जाना प्रस्तावित था, जिनमें से 1231 केन्द्र खोले जा चुके हैं। कुल 3385 केन्द्रों में से 2428 केन्द्र खोले जा चुके हैं। इन केन्द्रों से निजी सेवाऐं, बीमा संबंधी बैकिंग सेवाऐं, मोबाईल सेवांए आदि प्रदान की जा रही है। शासकीय सेवाऐं शीघ्र ही प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। 
विशेषताऐं :-
1 शहरी विकास को गांवों तक पहुंचाने के लिये आरंभ की गई इस परियोजना के द्वारा शासन की नागरिक सेवांए ग्रामीण नागरिकों के लिये उनके घर के समीप उपलब्ध होंगी। अनेक जनपयोगी निजी सेवाऐं भी इन केन्द्रों के माध्यम से प्रदान की जा रही है।
2 यह सेवा ग्रामीण उद्यमियों द्वारा निजी सार्वजनिक सहभागिता के अन्तर्गत संचालित की जा रही है। 
3 ग्रामीण अंचलों में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। गांवों में कम्प्यूटर साक्शारता में वृद्वि होगी।
4 वैश्विक स्तर का ज्ञान इंटरनेट की सहायता से प्रदेश के गाँवों तक पहुंचेगा।
5 शासकीय कार्यों/सेवाओं में पारदर्शिता बढेग़ी, बहुमूल्य समय तथा धन की बचत होगी।
 
ग्रामीण चॉइस केन्द्र की उपलब्धियां :-
 
केन्द्र तथा राज्य सरकार की संयुक्त सामान्य सेवा केन्द्र परियोजना के द्वारा शासकीय तथा निजी सेवाऐं प्रदान की जायेंगी। इस योजना के तहत् 3385 ग्रामीण चॉइस खोला जाना है जिनमें से जून 2011 तक 2428 केन्द्र खोले जा चुके हैं -
क्रमांक
जिले का नाम ग्रामीण चॉइस केन्द्रों की संख्या, लक्ष्य खोले गये केन्द्रों की संख्या लक्ष्य प्राप्ति
1
दुर्ग
310
310
2
राजनांदगांव
266
163
3
कांकेर
179
106
4
कबीरधाम
167
94
5
बिलासपुर
271 271
6
जांजगीर-चांपा
152
139
7
कोरबा 
142
114
8
रायपुर
366
286
9
धमतरी 
108
75
10
महासमुन्द 
185
165
11
दन्तेवाडा/बीजापुर 
225
11
12 बस्तर/नारायणपुर 
224
56
13
रायगढ़ 
247
232
14
सरगुजा 
295
183
15
कोरिया
112
98
16
जषपुर 
136
125
                                कुल 
  2428