CHOiCE -Hindi
चॉइस परियोजना
छत्तीसगढ़ आन लाईन सूचना से नागरिक सशक्तिकरण
ओपन सोर्स पर देश की वृहद्तम परियोजना
पृष्ठभूमि :-
सूचना प्रौद्योगिकी के वर्तमान युग में राज्य के नागरिकों को आई.टी. के माध्यम से सुविधाऐं प्रदान करने के लिये चॉइस परियोजना का क्रियान्वयन किया गया है। यह परियोजना प्रदेश में ई- शासन व्यवस्था लागू करने में मील का पत्थर साबित हो रही है। राष्ट्रीय तथा अंतराष्ट्रीय स्तर पर इस योजना की सर्वत्र सराहना की गई है। ओपन सोर्स पर आधारित देश की वृहद्तम परियोजना होने का गौरव चॉइस को प्राप्त है। इस योजना को अनेक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
इस योजना के तहत् अनेक नागरिक सेवाऐं जैसे- जन्म/मृत्यु प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण,मूल निवासी प्रमाण-पत्र, आदि शासन द्वारा नियुक्ति चॉइस सेंटर के माध्यम से प्रदान किये जा रहे हैं।
इस योजना से नागरिकों के बहुमूल्य समय की बचत हो रही है तथा शासन की सेवाऐं एवं जानकारियां सरलतापूर्वक उपलब्ध है। प्रारंभ में चॉइस परियोजना का रायपुर नगर निगम क्शेत्र में सफलतापूर्वक संचालन के पश्चात् दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, राजनांदगांव, जगदलपुर तथा अम्बिकापुर में विस्तार किया गया है, एवं शेश 12 जिलों में विस्तारित करने की योजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
उद्देश्य :-
1 शासन तथा नागरिकों के मध्य पारदर्शिता बनाना:-
चॉइस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य राज्य शासन की सेवाओं तथा जानकारियों की पारदर्शिता में वृद्वि करना है। नागरिक चाही गई जानकारी तथा सेवा का उपयोग सरलतापूर्वक कर सके, तथा जानकारियां प्राप्त कर सके, इसी उद्देश्य को लेकर इस योजना का विस्तार पूर प्रदेश में किया जा रहा है।
2 शासन की सेवाऐं घर के समीप प्रदान करना :-
चॉइस परियोजना के माध्यम से शासकीय सेवाऐं एस.टी.डी./ पी.सी.ओ. तर्ज पर नागरिकों को उनके घर के समीप चॉइस केन्द्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। ये सुविधाऐं नागरिक ''कभी भी - कहीं भी'' तर्ज पर प्राप्त कर रहे हैं।
3 राज्य में ई-गर्वनेंस की अधोसंरचना तैयार करना :-
राज्य में ई-शासन के लिये अधोसंरचना का विकास करना शासन का प्रमुख उद्देश्य है जिसकी पूर्ति के लिये ही चॉइस परियोजना का संचालन किया जा रहा है।
4 शासन की सेवाओं में गति लाना :-
शासकीय विभागों द्वारा प्रदत्त सेवाओं में गति लाना चॉइस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से फाइलों के अनावश्यक आवागमन में कमी आई है तथा कार्य त्वरित गति से संपन्न किया जा रहे हैं।
5 लागत में कमी :-
इस योजना के माध्यम से शासन की लागत में कमी लाने का सफलतापूर्वक प्रयास किया जा रहा है।
चॉइस पर किया गया कार्य :-
1 चॉइस की वेबसाईट www.choice.gov.in पर ई-शासन सेवाए उपलब्ध।
2 चॉइस परियोजना के लिये उपयोग किया जा रहा सॉफ्टवेयर लिनुक्स तथा अन्य मुक्त स्रोत (ओपन सोर्स) प्रौद्योगिकी पर विकसीत किया गया
है। यह देश में वृहदतम मुक्त स्रोत ई-शासन परियोजना है।
3 दस्तावेजों के एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक डिजिटल रुप में प्रवाह की सुविधा देता है।
4 देश में पहली बार इन सेवाओं की प्रदायगी के लिये त्रिस्तरीय सुरक्शा व्यवस्था का उपयोग किया गया। इस योजना में बायोमैट्रिक, स्मार्ट
कार्ड तथा पासवर्ड के उपयोग से सुरक्शा व्यवस्था को विश्वसनीय बनाया गया है।
5 देश में पहली बार सामान्य नागरिकों को भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत् छत्तीसगढ़ नागरिक सेवा
(इलैक्ट्रानिक अधिशासन) नियम 2003 में लोक सेवक का दर्जा प्रदान कर चॉइस केन्द्रों के अधिकृत किया गया है। चॉइस एजेंट द्वारा जारी
प्रमाण-पत्रों को उक्त नियमाें के अन्तर्गत पूर्ण वैधानिक मान्य किया गया है।
विशेषताऐं :-
1 आम नागरिकों के लिये राज्य शासन की जानकारी तथा सेवाऐं उनके घर के समीप कभी भी उपलब्ध।
2 सार्वजनिक निजी सहभागिता पर आधारित योजना।
3 योजना के क्रियान्वयन हेतु मंत्रालय में राज्य सर्वर का निमार्ण किया गया जो कि 365X24 X7 कार्यरत हैं।
4 नगर निगम, कलेक्ट्रोरेट, जिला पंचायत, समाज कल्याण पुलिस मुख्यालय, आदि विभाग राज्य सर्वर से जुड़ चुके हैं।
5 शासन द्वारा चुने गये चॉइस एजेंटों के माध्यम से विभागों की जानकारियां तथा सेवाओं को प्राप्त किया जा सकता है।
6 चॉइस केन्द्रों में कम्प्यूटर, बायोमैट्रिक डिवाईस, स्मार्ट कार्ड़, स्केनर, प्रिन्टर, वेब कैम, आदि उपकरणों की सहायता से जानकारी तथा
सेवाओं को परीक्शण के पश्चात् प्रदायगी की जा रही है।
7 प्रत्येक दस्तावेज के प्रमाण-पत्र क्रमांक से जारी किये गये प्रमाण-पत्र की वैधानिकता का सत्यापन वेबसाईट एवं आई.वी.आर.एस. फोन
0771-4080106 पर किया जा सकता है।
8 चॉइस द्वारा जारी प्रमाण-पत्र भारत सरकार के सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत् छत्तीस्रगढ़ नागरिक सेवा (इलैक्ट्रानिक
अधिशासन) नियम 2003 द्वारा पूर्ण वैधानिक है।
सेवाओं की सूची :-
1. आय प्रमाण पत्र 2. जाति प्रमाण पत्र
3. निवास प्रमाण पत्र 4. जन्म प्रमाण पत्र
5. मृत्यु प्रमाण पत्र . 6. बी.पी.एल प्रमाण पत्र
7. बी.पी.एल. डाटा एन्ट्री (डाटा संग्रहण) 8. नजूल भूमि के लिये अनापत्ति प्रमाण-पत्र
9. जन शिकायत (न.नि.रा.) 10. जन शिकायत (कलेक्टोरेट)
11. नया राशन कार्ड 12. राशन कार्ड प्रतिलिपि
13. राशन कार्ड का समर्पण 14. राशन कार्ड में सुधार
15. भंडारण (विस्फोटक पदार्थ) अनापत्ति प्रमाण पत्र 16. भंडारण (केरोसीन) हेतु आवेदन अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन
17. भंडारण (पेट्रोल, डीजल) अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु 18. औद्योगिक उद्योग लगाने हेतु अनापत्ति आवेदन प्रमाण पत्र
19. विद्युत कनेक्शन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र 20. नजूल भूमि के पट्टे के लिये पुराना डाटा संग्रहण
21. नजूल भूमि के पट्टे का नवीनीकरण 22. नजूल भूमि के पट्टे का नामान्तरण
23. न.नि.रा. के दुकानों का आबंटन 24. न.नि.रा. के आबंटित दुकानों का नवीनीकरण
25. न.नि.रा.के आबंटित दुकान का आधिपत्य हस्तांतरण 26. नया नल कनेक्शन हेतु आवेदन पत्र
27. आयुध अनुज्ञप्ति 28. आयुध अनुज्ञप्ति नवीनीकरण
29. स्थापना पंजीयन 30. स्थापना पंजीयन का नवीनीकरण
31. नकल दस्तावेज 32. अनापत्ति प्रमाण पत्र (रायपुर विकास प्राधिकरण)
33. सम्पत्ति कर की रसीद 34. सम्पत्ति कर का नामांतरण
35. विवाह पंजीयन
चॉइस की उपलब्धि :-
1 रायपुर नगर निगम क्शेत्र में वर्श 2003 से इस योजना का संचालन किया जा रहा है।
2 रायपुर में सफलतापूर्वक संचालन के पश्चात् चॉइस परियोजना का वर्श 2008 में राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई, बिलासुपर, सरगुजा एवं जगदलपुर के नगरीय क्शेत्र में विस्तार किया गया है।
3 राज्य के शेष 12 जिलों मेंे इस योजना के विस्तार करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है।
4 इस परियोजना के माध्यम से 35 लोकप्रिय सेवाऐं प्रदान की जा रही है। इसके अन्तर्गत अब तक 5 लाख से अधिक नागरिको लाभ उठा चुके हैं।
5 अब तक छ: जिलों के शहरी क्शेत्र में 93 चॉइस सेंटर कार्यरत हैं, इससे रोजगार में वृद्वि हुई है। इन जिलों के हर वार्ड में चॉइस सेंटर खोलने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
चॉइस सुविधा प्राप्त करने का तरीका :-
नागरिक चॉइस परियोजना में दिये जा रहे सुविधाओं को प्राप्त करने के लिये निकटतम चॉइस केन्द्र में जाकर इलैक्ट्रानिक रुप से आवेदन करेंगे, प्रशासन के अधिकारी अपनी बायोमैट्रिक पहचान एवं डिजिटल हस्ताक्शर से प्रमाण-पत्र जारी करेंगे। नागरिक किसी भी चॉइस केन्द्र से इन दस्तावेज को प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति मोबाईल, एस.एम.एस., वेबसाईट, आई.वी.आर.एस. फोन अथवा चॉइस केन्द्र जाकर जानी जा सकती है। इस कार्य के लिये निर्धारित न्यूनतम शुल्क देय होगा।
अन्य उपलब्धियां :-
1 देश में ओपन सोर्स पर आधारित सबसे बड़ी चॉइस परियोजना राज्य में तैयार की गई।
2 देश में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ में इलैक्ट्रानिक रुप से चॉइस परियोजना के माध्यम से नागरिक सेवाएें प्रदान करने के लिये छत्तीसगढ़ इलैक्ट्रानिक अधिशासन नियम 2003 बनाये गये।
3 13 वें वित्त आयोग ने श्री नंदन निलकने ने चॉइस केन्द्र का भ्रमण कर इसके द्वारा प्रदत्त सेवाओं की सराहना करते हुए चॉइस परियोजना को ई - गर्वनेंस में श्रेष्ठ माना है।
4 युगाण्डा के उच्चस्तरीय दल ने अपने देश में ई-गर्वनेंस सेवाओं की प्रदायगी के लिये चॉइस केन्द्राें का भ्रमण किया था उसकी सराहना की एवं अनुशरण योग्य माना है।
5 देश के अनेक राज्यों राजस्थान, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली आदि के वरिष्ठ अधिकारिकयों के दल ने चॉइस केन्द्रों को भ्रमण कर इसके अन्तर्गत प्रदान की जा रही सेवाओं की प्रशंसा की है।
